कानपुर:नोटबंदी की बरसी पर व्यापारियों ने जताया विरोध, देश को बर्बाद करने वाला बताया फैसला

कानपुर:नोटबंदी की बरसी पर व्यापारियों ने जताया विरोध, देश को बर्बाद करने वाला बताया फैसला

– रिज़र्व बैंक के बाहर हाथों में कटोरा व तख्तियां लेकर मांगी भीख
कानपुर, 08 नवम्बर । नोटबन्दी की तीसरी बरसी पर उत्तर प्रदेश व्यापार मण्डल के जुड़े व्यापारियों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने नोटबंदी को देश को तबाह और बर्बाद करने वाला नरेन्द्र मोदी का तानाशाही फैसला बताया।

उत्तर प्रदेश प्रान्तीय व्यापार मण्डल से जुड़े व्यापारियों ने नोटबन्दी की तीसरी बरसी पर काला दिवस मनाते हुए रिज़र्व बैंक के बाहर हाथों में कटोरा व तख्तियां लेकर भीख मांगो प्रदर्शन किया और नोटबंदी को सदी का क्रूरतम फ़ैसला बताया। रिज़र्व बैंक गेट के बाहर आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने कहा की आज के दिन तीन वर्ष पहले 500 और 1000 रुपए के नोट जो चलन में थे उसको प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा चलन से बाहर किया जाना बेहद गैर जिम्मेदाराना और तुगलकी फैसला था। इस फैसले से त्राहि त्राहि मची थी। मरीज परेशानी से चीखे थे, व्यापारी भीख मांगने को मजबूर हुए थे,नोटबंदी से जानें गईं, नौकरी गईं और व्यापार बर्बाद हुए। इसलिए आठ नवम्बर को व्यापारी जगत हमेशा इसे काले दिवस के रूप में ही मनाएगा।

व्यापारियों का कहना था कि तीन साल हो गए अभी तक व्यापारी इस त्रासदी से उबर नहीं पाए। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार नोटबंदी के दौरान 15 लाख 41 हजार करोड़ के (500,1000) नोट चलन में थे। जिसमें 15 लाख 31 हज़ार करोड़ के नोट वापस आ गए मतलब कि 99ः वापस आ गये।
नगर अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी से छोटे छोटे उद्योग धंधे बंद हो गये जिससे बड़ी संख्या मे मजदूर और और छोटे व्यापारी बेरोजगार हुए। इस अवसर पर हरप्रीत बब्बर, जतिन सिंह, करण साहनी, अमित तिवारी, अजय शुक्ला, मनोज चौरसिया, हरिओम शर्मा आदि लोग मौजूद रहें।

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