छत्तीसगढ़: दो बहादुर बेटियां राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत, मिला वीरता सम्मान

छत्तीसगढ़: दो बहादुर बेटियां राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत, मिला वीरता सम्मान

रायपुर : छत्तीसगढ़ की दो बेटियों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया गया। एक सरगुजा जिले के मोहनपुर गांव और दूसरी धमतरी जिले के कानडबरी गांव की रहने वाली हैं। इनकी बहादुरी की कहानी भी रोंगटे खड़ी कर देनी वाली है। एक बेटी ने अपनी छोटी बहन को बचाने हाथियों के दल से भीड़कर मौत के मुंह से उसे निकाल लाई, वहीं दूसरी ने गांव की दो बच्चियों की जान बचाने तालाब में छलांग लगा दी। जबकि उसे खुद तैरना नहीं आता था।

बहन को बचाने हाथियों के दल से भिड़ गई छह साल की कांति : राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुनी गईं सरगुजा जिले के मोहनपुर गांव की सात साल की बालिका कांति सिंग पिता विनोद सिंह का नाम भी शामिल है। चौथी कक्षा में छात्रा कांति ने पिछले साल मात्र छह साल की उम्र में अपनी जान की परवाह किए बगैर जंगली हाथियों के हमले से अपनी तीन साल की छोटी बहन की जान बचाई थी। सरगुजा जिले का यह गांव लंबे अर्से से जंगली हाथियों से प्रभावित है।
आए दिनों यहां हाथी विचरण करते रहते हैं और कच्चे मकानों के साथ-साथ खड़ी फसल को चौपट कर जाते हैं। हाथी मवेशियों के अलावा लोगों पर भी हमला कर देते हैं और उन्हें मार डालते हैं। 17 जुलाई, 2018 को ऐसा ही नजारा गांव में देखने को मिला, जब जंगली हाथियों का झुंड वहां पहुंच गया।

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