दिल्ली : पहाड़गंज में हुआ था विदेशी युवती से दुष्कर्म, फिर भेजा इराक

नई दिल्ली|दिल्ली महिला आयोग द्वारा दिल्ली के अलग-अलग स्थानों से 12 नेपाली युवतियों को मुक्त कराने के बाद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली महिला आयोग को सूचना देने वाली युवती ने बताया कि वह बहन के माध्यम से एजेंट के संपर्क में आई थी। उसे नौकरी दिलाने को भरोसा दिया और इराक में एक आदमी को बेच दिया। इराक में उसके साथ बुरा व्यवहार किया गया। लंबे समय तक यातना झेलने के बाद वह किसी तरह से वहां से भागने में सफल हुई। युवती ने बताया कि इराक भेजने से पहले उसके साथ दिल्ली के पहाड़गंज में दुष्कर्म किया गया था।
भारत पहुंचने पर उसने एजेंट के बारे में पता लगाया। उसे पता चला कि एजेंट ने कुछ युवतियों को नेपाल से लाकर दिल्ली में छुपा रखा है तो उसने इसकी सूचना केआइ नेपाल नाम की संस्था को दी। संस्था भारत नेपाल सीमा पर मानव तस्करी रोकने के लिए काम करती है। युवती की शिकायत पर केआइ नेपाल ने युवतियों को बचाने को दिल्ली महिला आयोग से संपर्क किया। मुक्त कराई गई युवतियों को शेल्टर होम भेज दिया गया है। उदय नाम का एक एजेंट उनको दुबई और खाड़ी देशों में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली लेकर आया था। यहां उनमें से कुछ दो माह से और कुछ एक माह से कैदी की तरह रह रही थीं। दिल्ली महिला आयोग ने छावला पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।
नेपाल की रहने वाली एक युवती ने दिल्ली महिला आयोग की सदस्य किरण नेगी को सूचना दी कि दिल्ली में दो जगहों पर कुछ नेपाली युवतियों को दो माह से कैद करके रखा गया है। उन्होंने तुरंत आयोग की दो टीमों को नजफगढ़ भेजा। सूचना देने वाली युवती भी आयोग की टीम के साथ मौके पर पहुंची और वहां से 12 युवतियों को मुक्त कराया गया। उनका एजेंट उदय टीम को वहां पर नहीं मिला। मुक्त कराई गई युवतियों ने बताया कि उदय ने वादा किया था कि उनको नौकरी के लिए इराक, दुबई और कुवैत भेजा जाएगा। ज्यादातर युवतियों ने एजेंट को नौकरी दिलाने के लिए 50 हजार रुपये दिए थे, जबकि दो युवतियों ने दो-दो लाख रुपये दिए थे। एजेंट ने उनके पासपोर्ट अपने पास रख लिए थे और उनको कमरा छोड़ने पर गिरफ्तार कराने की धमकी दी थी।

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