दुनिया को भारतीय चुनाव परिणाम का बेसब्री से इंतजार|

नई दिल्ली|आम चुनाव 2019 के परिणाम आने में अब बस कुछ ही चंद घंटे रह गए हैं। उससे पहले सियासी दलों से लेकर आम नागरिकों में सुबह-सुबह हलचल बढ़ गई है। हर किसी को वोटों की गिनती शुरू होने का इंतजार है। इतना ही नहीं भारतीय चुनाव परिणामों को लेकर विदेशों में भी बेसब्री से इतंजार हो रहा है। आखिर भारतीय चुनाव परिणाम का पूरी दुनिया में क्या असर होगा और दुनिया के बड़े देश क्यों बेसब्री से इसका इतंजार कर रहे हैं? इसके पीछे कई कारण हैं।
भारतीय चुनाव को लेकर अमरीका नजरें बनाए हुए है। चुनाव परिणामों से पहले एक्जिट पोल में एनडीए को मिलता बहुमत और नरेंद्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने के संकेतों के बीच यह बेसब्री और भी बढ़ गया है। 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से भारत और अमरीका के बीच संबंधों में काफी प्रगति हुई है। खासकर इसमें और इजाफा जब हुआ जब अमरीका में सरकार बदली और ट्रंप राष्ट्रपति बने। ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आपसी संबंध काफी बेहतर हैं। जिसका फायदा भारत को मिला है।
अब अमरीका को भी संभवतः यह उम्मीद है कि 2019 में फिर से मोदी सरकार के आने से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध आगे बढ़ सकेंगे। ऐसे कई कारार दोनों देशों के बीच हुए हैं जो ऐतिहासिक हैं और संभवतः सरकार बदलने पर वह आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसके अलावे भारत एक आर्थिक महाशक्ति के तौर पर आगे बढ़ रहा है। मोदी सरकार ने पड़ोसी देशों के अलावे एशियाई देशों के साथ संबंध को प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया। इसमें जापान महत्वपूर्ण है। क्योंकि जापान के प्रधानमंत्री शिंजा आबे के साथ प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत संबंध है। इसके अलावा अर्थव्यवस्था के आधार पर भी दोनों देशों के बीच काफी अच्छे संबंध हैं। भारत में पहली बार बुलेट ट्रेन की नींव जापान के सहयोग से मोदी सरकार ने रखी है। अब इस चुनाव में मोदी सरकार की वापसी का मतलब होगा कि इसमें किसी तरह का कोई रूकावट आने की संभावना नहीं है। यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो फिर इस प्रॉजेक्ट पर खतरे के बादल मंडरा सकते हैं या इसमें कुछ बदलाव हो सकते हैं। लिहाजा जापान भी चुनाव परिणाम पर टकटकी लगाए है। बता दें कि जापान की मदद से भारत में गुजरात के अहमदाबाद से महाराष्ट्र के मुंबई के बीच पहली बुलेट ट्रेन चलाने की परियोजना पर कार्य चल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *