धमाके से पहले भारत ने किया था आगाह, हमसे ही हुई चूक: श्रीलंका पीएम

कोलंबो : श्रीलंका में हुए सीरियल ब्लास्ट्स को लेकर प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि भारत ने इस बारे में खुफिया जानकारी दी थी, लेकिन इस पर कार्रवाई करने को लेकर हमसें ही लापरवाही हुई है। कोलंबो में एक इंटरव्यू में श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात का बेहद पछतावा भी है।

भारत ने खुफिया जानकारी दी थी, लेकिन हम इस पर कैसे कार्रवाई करें, इसको लेकर लापरवाही हुई। खुफिया जानकारी नीचे तक नहीं पहुंची। साथ ही उन्होंने कहा कि श्रीलंका के जांचकर्ता पाकिस्तान और चीन सहित कई देशों के साथ संपर्क में थे। एक श्रीलंकाई रक्षा सूत्र और एक भारत सरकार के सूत्र ने कहा कि भारतीय खुफिया अधिकारियों ने पहले विस्फोट से करीब 2 घंटे पहले अपने श्रीलंकाई समकक्षों से संपर्क किया था और हमले को लेकर आगाह किया था।

उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि हमलावर विशेष तौर पर गिरिजाघरों पर हमला कर सकते हैं। इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के समूह में श्रीलंका के नागरिक ही शामिल हैं, लेकिन उन्हें विदेशी कनेक्शनों की मदद मिली थी। इसलिए हमने कुछ विदेशी एजेंसियों से मदद मांगी है, ताकि हम विदेशी लिंक के बारे में जानकारी हासिल कर सकें।

हमारा भारत के साथ खुफिया जानकारी साझा करने का अच्छा सिस्टम है। यह हमारी मदद करता है,। हमें अमेरिका और यूके से भी ममद मिली है। हमारी प्राथमिकता आतंकवादियों को पकड़ना है… जब तक हम ऐसा नहीं करते, कोई भी सुरक्षित नहीं है। इस्लामिक स्टेट ने श्रीलंका में ईस्टर संडे के दिन हुए भयानक आत्मघाती हमलों की मंगलवार को जिम्मेदारी ली और इसे अंजाम देने वाले सात आत्मघाती बम हमलावरों की पहचान की। इन हमलों में 321 लोगों की मौत हो गई।
जिहादी गतिविधियों की निगरानी करने वाले साइट इंटेलीजेंस ग्रुप के अनुसार अपनी प्रचार संवाद समिति ‘अमाक’ के मार्फत आईएसआईएस ने कहा, दो दिन पहले श्रीलंका में गठबंधन के सदस्य देशों के नागरिकों और ईसाइयों को निशाना बना कर जिन लोगों ने हमला किया, वे इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े थे।

हमलावरों की पहचान अबु उबायदा, अबु अल मुख्तार, अबु खलील, अबु हम्जा, अबु अल बारा, अबु मुहम्मद और अबु अब्दुल्लाह के रूप में की गई है। इन धमाकों में करीब 1000 लोग या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। साइट इंटेलीजेंस ग्रुप की निदेशक रीता कात्ज ने ट्वीट किया, आईएसआईएस के संदेश में दिया गया ब्योरा (हमलावरों के नाम, उनमें किसने ने कहां हमला किया) दर्शाता है कि इस हमले में इस संगठन का हाथ है, लेकिन कहां तक उसका हाथ था, यह अभी देखना है

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