पंजाब में जहरीली शराब से 38 लोगों की मौत

पंजाब में जहरीली शराब से 38 लोगों की मौत


चंडीगढ़ : पंजाब में ज़हरीली शराब के कारण हुई मौतों की संख्या 38 हो गई है, पंजाब पुलिस ने अमृतसर ग्रामीण, बटाला और तरन तारन जिलों से शराब की तस्करी करने वाले सात अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में पाँच टीमों से तरफ 40 से अधिक छापे मारे गए।ज़हरीली शराब के कारण हुई मौतों के मद्देनजऱ अब तक पकड़े गए व्यक्तियों की संख्या आठ हो गई है,

जिनमें बलविन्दर कौर भी शामिल है जिसको बीती रात मुच्छल गाँव, थाना तरसिक्का से गिरफ्तार किया गया था।डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि मुलजिमों के पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, ड्रम्म, स्टोरेज केन आदि बरामद किये गए हैं और उक्त शराब को जांच करने हेतु रासायनिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि और गिरफरियां होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि छापेमारी जारी है और पुलिस टीमें इस क्षेत्र में शरेआम चल रहे शराब माफिया के कारोबार को ख़त्म करने के लिए सम्बन्धित मामले में शामिल सभी व्यक्तियों पर नुकेल कसी जायेगी।बलविन्दर कौर और मिंटू को अमृतसर ग्रामीण जिले से गिरफ्तार किया गया जबकि बटाला जिले से काबू किये दो व्यक्तियों की पहचान दर्शन रानी और राजन के तौर पर से गई है।

चार और व्यक्तियों कश्मीर सिंह, अंग्रेज़ सिंह, अमरजीत और बलजीत को तरन तारन से गिरफ्तार किया गया है।डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार किये गए चार मुलजिमों के खि़लाफ़ थाना सदर तरन तारन में एफआईआर नं. 253, तारीख़ 31 जुलाई, 2020 के अंतर्गत पर्चा दर्ज किया गया है जिन्होंने गाँव नौरंगाबाद में शराब की सप्लाई करने संबंधी माना है।

उन्होंने कहा कि मि_ू नाम के जिस व्यक्ति को आज गाँव जस्सो नंगल, थाना खिलचियां से गिरफ्तार किया गया है, उसने भी ज़हरीली शराब की सप्लाई करने संबंधी माना है।शुक्रवार शाम तक अमृतसर ग्रामीण में ज़हरीली शराब पीने वाले 10 व्यक्ति, बटाला में 9 और तरनतारन में 19 व्यक्तियों की मौत हो गई है। डीजीपी ने कहा कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि स्पष्ट तौर पर कई इलाकों में ज़हरीली शराब बेचने वालों के नैटवर्क फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किये गए मुलजिमों से पूछताछ करने के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद की जा रही है।

याद रहे कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह पहले ही डिविजऩल कमिश्नर जालंधर के द्वारा इस घटना की मैजिस्टरेट जांच के आदेश दे चुके हैं। इस जांच के दौरान तथ्यों और हालत की जाँच की जाऐगी और साथ ही इस घटना के साथ जुड़े किसी भी और मुद्दे या घटनाओं के साथ सम्बन्धित हालातों और उसके बाद के हालातों के बारे भी जाँच पड़ताल की जायेगी। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस घटना की जांच में कमिश्नर जालंधर, सम्बन्धित ज्वाइंट आबकारी और कर कमिश्नर पंजाब और सम्बन्धित जिलों के एसपी जांच में शामिल किये गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कमिश्नर जालंधर डिवीजऩ को इस केस की तफतीश के जल्दी निपटारे के लिए किसी भी सिवल /पुलिस अधिकारी या किसी माहिर का सहयोग लेने की छुट दी है। उसने इस केस में किसी को भी दोषी पाये जाने पर उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने का भरोसा दिया है।

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