मुकदमे से पहले अनिवार्य मध्यस्थता, यह सबसे सही समय है: CJI..

मुकदमे से पहले अनिवार्य मध्यस्थता, यह सबसे सही समय है: CJI..

नई दिल्ही|प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे ने शनिवार को कहा कि एक ऐसा व्यापक कानून बनाने के लिए यह सबसे सही समय है, जिसमें ‘मुकदमे से पहले अनिवार्य मध्यस्थता’ शामिल हो। उन्होंने कहा कि इस कानून से कार्यक्षमता सुनिश्चित होगी और पक्षकारों व अदालतों के लिए मामलों के लंबित होने का समय घटेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जजों के लिए लोकप्रियता मरीचिका है। किसी भी जज का लक्ष्य लोकप्रियता नहीं होता। विचार यह होता है कि विवाद का हल हो।सीजेआई बोबडे ने ‘वैश्वीकरण के युग में मध्यस्थता’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे संस्करण में कहा कि भारत में संस्थागत मध्यस्थता के विकास के लिए एक मजबूत ‘आरबिट्रेशन (मध्यस्थता) बार’ जरूरी है क्योंकि यह ज्ञान और अनुभव वाले पेशेवरों की उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *