मौनी अमावस्या : छोटी काशी कानपुर में श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

मौनी अमावस्या : छोटी काशी कानपुर में श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
गंगा किनारे श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, स्नान के बाद दुर्लभ संयोग में किया दान पुण्य
कानपुर, 24 जनवरी। माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को छोटी काशी कानपुर में गंगा किनारे घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कड़कड़ाती ठंड में मां गंगा का आर्शीवाद लेने के लिए श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद दुर्लभ संयोग में श्रद्धालुओं ने दान पुण्य किया और अलग-अलग घाटों के पास बने मंदिरों के दर्शन किये।

मौनी अमावस्या पर शुक्रवार को छोटी काशी कानपुर के गंगा तटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा। शहर के सरसैया गंगा तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया था। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि गंगा तट की ओर से जाने वाली सड़क पर जाम लग गया। इस कारण लोग जाम में कई घंटे में रेंग-रेंग कर गंगा तट पर पहुंच सके। तट पर पहुंच कर गंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन किया।

इसके बाद दान पुण्य किया। तट पर ही श्रद्धालुओं ने कथा सुनी। इसी तरह बिठूर घाट, अटल घाट, बैराज, सिद्धेश्वर घाट, भैरव घाट, खेरेश्वर घाट में भोर पहर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा। मौनी अमावस्या पर गंगा किनारे इन सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य लाभ कमाया। विधि विधान से पूजन कर जरुरतमंदों को अन्न वस्त्र आदि का दान दिया। भोर पहर से शुरु हुआ स्नान समाचार लिखे जाने तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे भंडारे का आयोजन किया। लोगों को खीर पूरी आदि का प्रसाद वितरित किया।

दुर्लभ संयोग का करते रहे इंतजार
मौनी अमावस्या को गंगा स्नान करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है, इसीलिए गंगा घाटों पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी, लेकिन इस बार दुर्लभ संयोग पड़ रहा है, जिस पर स्नान करने का श्रद्धालु इंतजार करते दिखे। यह दुर्लभ संयोग सुबह 9ः54 बजे उस वक्त पड़ा, जब शनिदेव मकर राशि में प्रवेश किये। इस संयोग पर श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा स्नान के लिए उमड़ पड़ी। स्नान पर्व पर सबसे ज्यादा भीड़ सरसैया घाट, बिठूर घाट, सिद्धेश्वर घाट, खेरेश्वर घाट, अटल घाट और बैराज पर रही।

अलर्ट रहा प्रशासन

मौनी अमावस्या के महापर्व को लेकर सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन अलर्ट रहा और घाटों पर व्यापक इंतजाम किये गये। पर्व पर जल पुलिस के जवान गंगा में किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहे। वहीं घाटों पर व घाटों के आस-पास मंदिरों में अफसर भ्रमण करते रहे। पुलिस की टीमें बराबर गश्त करती रहीं और लाउड स्पीकर से श्रद्धालुओं को सूचनाएं अवगत कराती रही। सभी घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ पुलिस कर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मी भी लगाई गईं हैं। वहीं घाटों में गोताखोरों की टीम को भी खासतौर पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे।

मौनी अमावस्या का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल जाती है। मौनी अमावस्या पर किये गये दान-पुण्य का फल सौ गुना ज्यादा मिलता है। कहा जाता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत से समान होता है। मौनी अमावस्या को किया गया गंगा स्नान अद्भुत पुण्य प्रदान करता है। बताया जाता है कि इस दिन गंगा स्नान के पश्चापत तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, कंबल, वस्त्र, अंजन, दर्पण, स्वूर्ण और दूध देने वाली गाय का दान करना ज्यादा फलदायी होता है।

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