राजगढ़ थानाधिकारी ने की खुदकुशी : परिचित को मैसेज किया राजनीति में फंसाने की साजिश हो रही है

राजगढ़ थानाधिकारी ने की खुदकुशी : परिचित को मैसेज किया राजनीति में फंसाने की साजिश हो रही है

चुरू। चुरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने शनिवार तड़के अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह जब वे काफी देर तक कमरे से नहीं निकले तो स्टाफ क्वार्टर के अंदर गया तो उनकी खुदकुशी का पता चला।

मौके से सुसाइड नोट भी मिला है, वहीं उन्होंने कल अपने परिचित से वाट्स-एप चैटिंग में हुई बातचीत में लिखा था कि उन्हें गंदी राजनीति में फंसाने की साजिश हो रही है। वे स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने की सोच रहे हैं।

 इंस्पेक्टर की मौत पर सवाल इसलिए ही उठ रहा है कि जब वे समस्या और गंदी राजनीति से बचने के लिए नौकरी से सेवानिवृति पर भी विचार कर रहे थे, तो रात को ऐसा क्या हुआ कि वे खुदकुशी जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो गए..?

वे लोगों के बीच और विभाग में इतने लोकप्रिय थे, कि अधिकारी उन्हें अपनी टीम में लेना चाहते थे। उनकी मौत की जांच के लिए राजगढ़ में लोग इस लॉकडाउन में भी बिना अपनी परवाह किए इकट्ठे हुए और मामले की जांच की मांग कर इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई के जयकारे लगाए।

ऐसा बहुत कम ही देखा गया है जब किसी पुलिस अधिकारी की मौत पर जनता ने आगे आकर जांच की मांग की हो। जब कोरोना के कहर से बचने लोग अपने घरों में कैद है, ऐसे विपरीत समय में लोग एक पुलिस अधिकारी की मौत की जांच की मांग करने के लिए अपनी परवाह किए बगैर इकट्ठे होकर प्रदर्शन कर रहे हों तो यह सामान्य मामला नहीं हो सकता है।

डीजीपी ने कहा मामले की जांच करवायी जाएगी

इंस्पेक्टर विष्णुदत्त की मौत की सूचना मिलते ही एसपी तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंची। मौके पर एसएसएल सैंपल लेकर जांच करवायी गयी। बताया गया कि विष्णुदत्त गत दिनों सादुलपुर में राजेन्द्र गढ़वाल नाम के व्यक्ति की गैंगवार में हुई हत्या मामले की तफ्तीश कर रहे थे। वे कल पूरे दिन इस केस में व्यस्त रहे और देर रात तक थाने में इसकी तफ्तीश में लगे थे। इस कारण वे रात को सरकारी क्वार्टर पर ही सोने चले गए थे।

वे एक मजबूत इरादों वाले अच्छे सरकारी अधिकारी थे, वे सुसाइड नोट की ताकत को समझते थे, कहीं ऐसा तो नहीं कि उन्हें आत्महत्या करने के लिए इस हद तक मजबूर किया गया कि वे सुसाइड नोट में कारण भी स्पष्ट नहीं लिख सके..?

परिचितसे चेटिंग में कहा : अफसर कमजोर है, मुझे गंदी राजनीति में फंसाने की कोशिश हो रही है

खुदकुशी से एक दिन पहले इंस्पेक्टर विष्णु दत्त ने अपने परिचित सोशल एक्टिविस्ट से व्हाट्सएप पर चेटिंग की थी। जिसमें लिखा था राजगढ़ में उन्हें गंदी राजनीति के भंवर में फंसाने की कोशिश हो रही है। ऐसे में वह अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले है। यहां के ऑफिसर बहुत कमजोर है। मामले में डीजीपी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इसकी जांच करवाई जाएगी। डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विष्णुदत्त एक अच्छे अफसर थे। हर कोई अधिकारी उन्हें अपनी टीम में लेना चाहता था।

सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोवर, एक ईमानदार अफसर की छवि

विष्णुदत्त एक तेज तर्रार अफसर थे। पुलिस महकमे में सामाजिक नवाचारों को लेकर उनकी कार्यप्रणाली खासी चर्चाओं में रहती थी। उनकी लोकप्रियता का इसी से पता चलता है कि सोशल मीडिया पर उनके हजारों की संख्या में फॉलोवर थे। इस पर वे पुलिस व पब्लिक के बीच न्याय स्तंभ का काम चलाते थे। इस महकमे में विष्णुदत्त की एक ईमानदार छवि थी। वे करीब 13 थानों की कायापलट कर चुके थे। वे वर्ष 1997 में पुलिस विभाग में सबइंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। उनके चाचा सुभाष विश्नोई भी एडिशनल एसपी रहे है।

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