लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा रहा कामाख्या इंटरप्राइजेज एंड तिरंगा अगरबत्ती

लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा रहा कामाख्या इंटरप्राइजेज एंड तिरंगा अगरबत्ती


– वेतन न देने की धमकी देकर रोजाना सैकड़ों महिलाओं से करा रहा काम

कानपुर, 02 अप्रैल । कोरोना वायरस के संक्रमण से इन दिनों पूरा विश्व परेशान है और इसके खात्मे के लिए लॉकडाउन किया जा रहा है। इसी क्रम में देशवासियों के हितों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आदेश कानपुर के तिरंगा अगरबत्ती के मालिक नरेन्द्र शर्मा पर कुछ भी असर नहीं पड़ रहा है।

इनकी कंपनी कामाख्या इंटरप्राइजेज एंड तिरंगा अगरबत्ती में रोजाना सैकड़ों महिलाएं काम कर रही हैं और काम न करने पर वेतन न देने की धमकी दे रहा है। बताया जा रहा है कि एक भी दिन यहां पर काम नहीं बंद हुआ। ऐसे में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथा के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी को कोरोना संक्रमण हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?


पूरी दुनिया समेत भारत के प्रत्येक राज्य वैश्विक महामारी नोबल कोरोना वायरस के संक्रमण से डरी हुई है। देश के प्रधानंमंन्त्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ जोडकर देशवासियों से लॉक डाउन का पालन करने की अपील की है। लोगों को लग रहा है कि देश में एक बड़ी जनहानि हो सकती हैं लेकिन आज भी कुछ लोग अपना निजी आर्थिक स्वार्थ साधने के लिये लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।

रेलबाजार स्थित तिरंगा फैक्ट्री में आज उस समय हड़कम्प मच गया जब क्षेत्रीय लोगां ने प्रशासन को सूचना दी कि तिरंगा फैक्ट्री में लगभग 200 महिलाएं प्रति दिन काम कर रही है और जनता कर्फ्यू की शुरुवात से ही प्रतिदिन लगतार अगरबत्ती व धूप बत्ती का उत्पादन जारी है।कुछ कामगार महिला मजदूरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि फैक्ट्री मालिक नरेन्द्र शर्मा कहते हैं कि अगर काम नहीं करोगे तो वेतन नहीं दिया जाएगा।

ऐसे में सवाल उठता है कि किसकी सह पर फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है यह जांच का विषय है जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेश है कि खाद्य सामग्री के अलावा कोई भी यूनिट का संचालन नहीं किया जाएगा।

पुलिस ने फिलहाल महिलाओं को काम से हटा दिया और सख्त हिदायत दी कि दोबारा ऐसी गलती न हो। काम कर रही महिलाओं ने कहा कि अगर कोई अधिकारी इस बात का विश्वास दिलाता है कि वेतन नहीं कटेगा तो लॉकडाउन में काम नहीं करेंगी। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मामले को लेकर कुछ भी बयान नहीं दिया।

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