2 अक्तूबर से अपने घरों, कार्यक्षेत्रों को सिंगल यूज प्लास्टिक से करें मुक्त : पीएम

2 अक्तूबर से अपने घरों, कार्यक्षेत्रों को सिंगल यूज प्लास्टिक से करें मुक्त : पीएम

मथुरा|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मथुरा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मथुरा के वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशु आरोग्य मेले का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पशुओं में होने वाली अलग-अलग बीमारियों के टीकाकरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की। मथुरा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ॐ’ और ‘गाय’ के बहाने विपक्ष पर करारा वार किया। उन्‍होंने कहा कि ‘ॐ’ शब्‍द सुनते ही कुछ लोगों के कान खड़े हो जाते हैं, कुछ लोगों के कान में ‘गाय’ शब्‍द पड़ता है तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं, उनको करंट लग जाता है। उनको लगता है कि देश 16वीं-17 वीं सदी में चला गया है। ऐसे लोगों ने ही देश को बर्बाद कर रखा है।अमेरिका पर हुए 9/11 हमले का उल्‍लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्‍या है। आज आतंकवाद एक विचारधारा बन गई है। आतंक की जड़ें हमारे पड़ोस में पनप रही हैं। हम इसका मजबूती से सामना कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि आतंकवादियों को पनाह और प्रशिक्षण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत पूर्ण रूप से सक्षम है और हमने करके दिखाया भी है। पीएम मोदी ने कहा, हमें यह कोशिश करनी है कि इस वर्ष 2 अक्तूबर तक अपने घरों, अपने दफ्तरों, अपने कार्यक्षेत्रों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें। आज स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत हुई है, नैशनल ऐनीमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम को भी लॉन्च किया गया है। महात्मा गांधी का यह 150वां प्रेरणा का वर्ष है। स्वच्छता ही सेवा के पीछे भी यही भावना छुपी हुई है। आज से शुरू हो रहे इस अभियान को इस बार विशेष तौर पर प्लास्टिक के कचरे से मुक्ति के लिए समर्पित किया गया है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ब्रजभूमि ने हमेशा से ही पूरे विश्व और पूरी मानवता को प्रेरित किया है। आज पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण के लिए रोल मॉडल ढूंढ रहा है लेकिन भारत के पास भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रेरणा स्रोत हमेशा से रहा है, जिनकी कल्पना ही पर्यावरण प्रेम के बिना अधूरी है। प्रकृति, पर्यावण और पशुधन के बिना जितने अधूरे खुद हमारे आराध्य नजर आते हैं उतना ही अधूरापन हमें भारत में भी नजर आएगा। पर्यावण और पशुधन हमेशा से ही भारत के आर्थिक चिंतन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

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