Kanpur: प्रमुख सचिव का वायरल हुआ फर्जी पत्र, छात्रों को मिली पास होने की खुशी

Kanpur: प्रमुख सचिव का वायरल हुआ फर्जी पत्र, छात्रों को मिली पास होने की खुशी


– पत्र के मुताबिक स्थगित हुई परीक्षाएं, पिछले वर्ष के अनुसार दिये जाएंगे नंबर
कानपुर, 26 मार्च । कोराना वायरस के चलते जहां पूरा देश लॉकडाउन में है तो वहीं शरारती तत्व सोशल मीडिया के जरिये भ्रामक खबरें भी फैला रहे हैं। ऐसी ही भ्रामक खबर गुरुवार को वायरल हुई, जिसमें प्रमुख सचिव के नाम का फर्जी पत्र जारी किया गया और पत्र के मुताबिक सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गयी हैं।

इसके साथ ही छात्रों को अब परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी और पिछले वर्ष के अनुसार अंक दिये जाएंगे। वायरल हो रहे पत्र के आधार पर कुछ छात्रों ने कुलसचिव को फोन किया तो विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और जानकारी जुटाई गयी। जिसके बाद सभी छात्रों को बताया गया कि यह पत्र फर्जी है और परीक्षाएं करायी जाएंगी।

कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने अपनी संस्थागत व व्यक्तिगत सभी प्रकार की परीक्षाओं को कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। परीक्षाएं जैसे ही होने वाली थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 दिनों के लिए पूरे देश को लॉकडाउन घोषित कर दिया, जिससे अब इन दिनों परीक्षाएं होने का सवाल ही नहीं है और सत्र भी लेट हो सकता है। लॉकडाउन के चलते घरों पर रहने वाले लोग जहां कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल मीडिया में जानकारी दे रहे हैं तो वहीं कुछ शरारती तत्व भी अनावश्यक  मैसेज वायरल कर रहे हैं।

ऐसे ही एक मैसेज व प्रमुख सचिव का फर्जी पत्र गुरुवार को वायरल हो गया, जिसमें कहा गया कि अब विश्वविद्यालय की परीक्षाएं नहीं होगी और सभी छात्र पास माने जाएंगे। वायरल मैसेज धीरे-धीरे अधिकतर छात्रों के पास पहुंचने लगा तो छात्रों ने कुलसचिव डॉ. अनिल यादव को बधाई देने लगे। छात्रों ने कुलसचिव को बधाई देते हुए कहा कि सर हम पास हो गये हैं, इस पर कुलसचिव अचंभित रह गये और पूरी बात सुनी।

कुछ ही देर में ऐसे फोन आने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गयी। जिसके बाद कुलसचिव ने वायरल हो रहे पत्र को मंगाया और जांच करायी तो वह फर्जी निकला। कुलसचिव ने विश्वविद्यालय के सभी स्टॉफ को जानकारी दी कि अगर किसी भी छात्र का फोन आये तो जानकारी दी जाये कि वायरल हो रहा पत्र फर्जी है और 15 अप्रैल के बाद परीक्षाएं करायी जाएंगी। इसके साथ ही कुलसचिव ने विश्वविद्यालय से जुड़े सभी व्हाट्सअप ग्रुप में भी इस फर्जी पत्र को जारी कराया और इसका खंडन भी किया।

कुलसचिव का कहना
कुलसचिव डा. अनिल यादव ने बताया कि आज कुछ छात्रों के फोन आये और वह अपने को पास होने की जानकारी दे रहे थे। जिस पर उनसे पूछा गया तो पता चला कि प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया है। पत्र को मंगाया गया और उसकी तस्दीक की गयी, साथ ही उच्चाधिकारियों से भी बात की गयी, तो पता चला कि पत्र फर्जी है।

बताया कि सभी विभागाध्यक्षों को व्हाट्सएप भेजकर कहा गया कि फर्जी पत्र का खंडन करके सभी छात्र-छात्राओं को सूचना दें कि पाठ्यक्रम की ऑनलाइन तैयारी करें। विवि द्वारा 15 अप्रैल के बाद परीक्षाएं कराई जाएंगी और उसके बाद परिणाम जारी होगा। उन्होंने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं के फोन आ रहे हैं, उन्हें भी सूचना दी जा रही है। कुलसचिव ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी कुलपति को भी दे दी गयी है।

इन बातों का है पत्र में जिक्र
– विश्वविद्यालय व संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा इस वर्ष स्थगित रहेगी।
-प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को 50 से 65 फीसदी अंक उनके संस्थागत के आधार पर आवंटन किया जाए।
-दूसरे, तीसरे, चौथे वर्ष के छात्र-छात्राओं को उनके पिछले वर्षों के अंकों के आधार पर अंक दे दिए जाएं।
-सभी महाविद्यालय पांच अप्रैल तक परिषद की वेबसाइट पर छात्रों की पूरी जानकारी दे दें।

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